GSK कंज्यूमर की खरीदारी से 4% बढ़ेगा HUL का प्रॉफिट

यूनिलीवर के हाथों ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन पीएलसी के न्यूट्रिशन बिजनेस की खरीदारी के बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर और GSK कंज्यूमर हेल्थकेयर का मर्जर होने से देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर कंपनी बनेगी। इसके चलते कंपनी के इक्विटी बेस में बढ़ोतरी तो बाद में होगी, समानुपात में उसके कंबाइंड नेट प्रॉफिट में तुरंत बढ़ोतरी होगी।


HUL के लिए मर्जर तो शुरुआत से प्रॉफिट बढ़ाने वाला कदम होगा। दिग्गज ब्रिटिश डच कंज्यूमर कंपनी की लोकल यूनिट का प्रॉफिट फिस्कल ईयर 2018 में 13% बढ़ सकता है। मर्जर से कंपनी में 8.5% का इक्विटी डायल्यूशन हो सकता है। इसलिए HUL के ईपीएस में तुरंत 4% की बढ़ोतरी होगी। जीएसके के मौजूदा स्टॉकहोल्डर्स को भी इस डील से फायदा होगा।

दोनों कंपनियों को एक दूसरे की क्षमताओं का लॉन्ग टर्म में बड़ा फायदा हो सकता है। इससे HUL को ज्यादा लाभ होगा, जो इंडियन पैकेज्ड फूड बिजनेस में लीडरशिप पोजिशन हासिल करना चाहती है। मर्जर पूरा होने में लगभग 12 महीने लगेंगे, इसलिए एनालिस्ट डील का वैल्यूएशन निकालने के लिए फिस्कल ईयर 2021 की प्रॉफिट का अनुमान ले रहे हैं।

फिस्कल ईयर 2021 में ‌~8,500 करोड़ के प्रॉफिट एस्टिमेट के हिसाब से HUL में 46 के पीई पर ट्रेड हो रहा है। ₹जीएसके का शेयर फिस्कल ईयर 2021 के ~31,700 के अनुमानित रेवेन्यू पर ₹~1,000 करोड़ के प्रॉफिट एस्टिमेट के हिसाब से 31.7 के पीई पर मिल रहा है। एनालिस्टों का मानना है कि HUL के हाथों GSK कंज्यूमर की खरीदारी से एक्वायर्ड बिजनेस की रीरेटिंग होगी।

जैसे ही कॉस्ट में कमी का फायदा मिलने लगेगा और HUL भरोसेमंद न्यूट्रिशन ब्रांड हॉर्लिक्स में नई जान फूंकने के लिए देशभर में फैले अपने स्ट्रॉन्ग डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग नेटवर्क का इस्तेमाल शुरू करेगी, तब एक्वायर्ड बिजनेस के लिए एनालिस्टों का प्रॉफिट एस्टिमेट फिस्कल ईयर 2021 में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा।

इंडस्ट्री ट्रैकर्स का मानना है कि HUL अपने फूड ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए ज्यादा रिसोर्सेज लगाएगी, जिससे वह उसके फूड बिजनेस का मूल आधार बन सकता है। HUL ने अपने फूड बिजनेस में पिछले दस साल में लगभग ₹3,000 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जो उसकी दूसरी रेवेन्यू कैटेगरी से बहुत ज्यादा है।

पिछले पांच साल में फूड बिजनेस से कंपनी की आमदनी तो दोगुनी हो गई है लेकिन टोटल प्रॉफिट में इसका हिस्सा लगभग 15% ही रहा है। एनालिस्ट अब HUL की इंडियन यूनिट पर पैरेंट के हाथों रॉयल्टी पेमेंट के असर का अंदाजा लगाने की कोशिश करेंगे। HUL की पैरेंट कंपनी यूनिलीवर को डील के जरिए हासिल हॉर्लिक्स और दूसरे एक्वायर्ड ब्रांड के राइट्स अपने पास रखने का हक होगा।

HUL का स्टॉक मंगलवार को बीएसई पर 0.97% गिरावट के साथ ~1808.25 पर बंद हुआ जबकि GSK कंज्यूमर का स्टॉक 0.44% की कमजोरी के साथ ~7510.00 पर बंद हुआ।

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