दालें हो रही हैं सस्ती, दाम 10-15% नीचे

लंबे इंतजार के बाद ही सही, आम आदमी के लिए भी अब दाल गलने लगी है। देश की थोक मंडियों में पिछले पंद्रह दिनों में दालों की कीमतें दस 10-15 फीसदी तक नीचे आई हैं।

             किचन में सीटी की आवाज अब दिल के साथ-साथ जेब को भी पसंद आएगी। पिछले कुछ समय से लोगों की थाली से बाहर हो रह दाल अब वापसी करने वाली है, क्योंकि थोक मंडियों में पिछले कुछ दिनों में इसके दाम नीचे आ गए हैं। दिल्ली में थोक बाजार में पंद्रह दिन पहले जो तुअर दाल 60 रुपये किलो बिक ही थी वो आज करीब 50 रुपये किलो बिक रहीं है। वहीं, 80 रुपये किलो की उड़द के दाम भी 72 रुपये तक पहुंच गए हैं। चना दाल की कीमतें भी करीब 10 फीसदी नीचे आई हैं। ये हुआ है दालों की सप्लाई बढ़ने और डिमांड के घटने से।

शेयर मार्केट में बेहतर निवेश सम्बन्धी जानकरी के लिए हमारी वेबसाइट पे विजिट करे http://ripplesadvisory.com दरअसल, अब तक 35 हजार टन दालें इंपोर्ट हुई हैं जो अब खुदरा बाजार तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, अगले दो हफ्ते में 70 हजार टन इंपोर्टेड दाल थोक बाजार पहुंचने वाली हैं। यही नहीं, रबी सीजन में दालों का उत्पादन भी पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।

जानकारों के मुताबिक केंद्र सरकार का 20 लाख टन का बफर स्टॉक तैयार होने के बाद आगे भी दालों की कीमतें नरम रह सकती हैं।

                    थोक बाजार में जिस तरह दालों की कीमतें लगातार गिर रही है उसे देखते हुए लग रहा है की अगले एक-दो महीनों में यानि नए साल में जब आप दाल खरीदने जाएंगे तो हो सकता है आपको 5-10 फीसदी सस्ती दालें मिले।

You May Also Like

0 comments

Note: only a member of this blog may post a comment.