2019 की शुरुआत में गिर सकते हैं शेयर बाजार, लेकिन आम चुनाव के बाद तेजी की उम्मीद
अक्सर चुनावों से पहले शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है, और नतीजों के बाद इसमें स्थिरता आने लगती है। इस बार भी यही ट्रेंड मानें तो 2019 में मई-जून तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसलिए कम या मध्यम अवधि के लिए निवेश से बचना चाहिए। अस्थिरता में निवेशक पूरा मुनाफा गंवा सकते हैं। मौजूदा स्तर से बाजार में गिरावट आती है तो निवेशकों को अच्छे स्टॉक्स में निवेश के मौके के रूप में देखना चाहिए। लेकिन नजरिया लांग टर्म का हो। कम से कम तीन से चार साल का। निवेश थोड़ा-थोड़ा और अलग-अलग सेक्टर में करना बेहतर होगा। इससे जोखिम कम रहेगा।
कच्चा तेल सस्ता होने, रुपए में मजबूती से सकारात्मक संकेत
चुनाव के बाद आम तौर पर बाजार में तेजी का माहौल रहता है। यानी यह लॉन्ग टर्म के निवेशकों के लिए मौका होता है। ग्लोबल मार्केट हाल के दिनों में गिरे हैं और अभी एक साल के निचले स्तर पर चल रहे हैं। सकारात्मक बात है कि कच्चा तेल हाल की ऊंचाई से 44% सस्ता हो चुका है। रुपया भी 7% मजबूत हुआ है। इससे चालू खाते का घाटा कम होगा।
2019 की दूसरी छमाही में बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। 2018 में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में अस्थिरता रही। लेकिन अब दोनों फैक्टर भारत के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। चुनावों के कारण ग्रामीण इलाकों में खर्च बढ़ने की उम्मीद है। बैंकों में एनपीए का स्तर भी अब घटने की उम्मीद है।
15 स्टॉक्स के दाम 2019 में 17% से 47% तक बढ़ने की उम्मीद
कंपनी लक्ष्य (रुपए) बढ़त
अरबिंदो फार्मा 920 27%
ओबेराय रियल्टी 574 27%
मैरिको 465 23%
इन्फोसिस 800 22%
टाइटन 1,105 20%
इस साल कॉरपोरेट जगत ने पूंजी बाजार से 30% कम पैसा जुटाया
भारतीय कंपनियों ने 2018 में इक्विटी और डेट से 5.9 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। प्राइम डाटाबेस के अनुसार यह एक साल पहले की तुलना में 30% कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव के बाद यानी 2019 की दूसरी छमाही में ही कंपनियां पैसे जुटाने के लिए ज्यादा संख्या में आगे आएंगी।
आईपीओ से जुटाई रकम भी पिछले साल की तुलना में 54% कम
सेबी ने इस साल 60,000 करोड़ के आईपीओ को मंजूरी दी। लेकिन अक्टूबर के बाद बाजार में गिरावट के कारण 24 कंपनियों ने सिर्फ 30,959 करोड़ जुटाए। 2017 में 36 कंपनियों ने 68,000 करोड़ रुपए जुटाए थे। एसएमई कंपनियों ने 2017 के 1,679 करोड़ की तुलना में इस साल 2,254 करोड़ आईपीओ से जुटाए।
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